॥ जय श्री शांतिनाथजी महाराज ॥
।। पूज्य शांतिनाथजी महाराज के पगलिये ।।
(चरण चिन्ह)
कोई भी समाज हो या प्रतिष्ठित नागरिक किसी भी कार्य को करने से पहले पीर
शांतिनाथजी महाराज का सानिध्य जरूर पाता था। जिले में नही बल्कि अन्य राज्यों से
भी इसके लिये महाराज को अक्सर बुलाया जाता था। बडी से बडी धर्म सभा से लेकर
छोटे-छोटे कार्यक्रम के दौरान भी वे आमजन के बीच रहे। घर में देवताओं का पूजन हो
तो या देव स्थापना मौका, चाहे कोई भी अवसर हो घर-घर में महाराज जी के पगलिए
जरूर हुए । महाराजजी के पगलिए घर में अथवा व्यापारी प्रतिष्ठान में होना परम
कल्याणकारक माना जाता था। शहर की अधिकांश दुकानों में पूजा स्थान पर
महाराजजी का चित्र आज भी लगा हुआ मिलता है। इतना ही नहीं देश भर में जहां भी
जालोर जिले के निवासी व्यवसायरत वहां भी महाराजजी के पगलिए हुए और वहां भी
अधिकांश दुकानों में महाराजजी का चित्र अन्यन्त श्रद्धा के साथ लगाया जाता है।
स्रोत: “सबके नाथजी” पुस्तक, संस्कृति शोध परिषद्, जालोर। पुस्तक क्रमांक 13।
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