ॐ श्री जलंधरनाथाय नमः
सिरे मंदिर, जालोर
आस्था • तपस्या • गुरु परंपरा • प्राकृतिक सौंदर्य
जालोर की कन्याचल पहाड़ी पर स्थित सिरे मंदिर भगवान शिव के जलंधरनाथ स्वरूप और नाथ संप्रदाय की तपोभूमि के रूप में प्रसिद्ध है। यह पावन धाम गुरु परंपरा, साधना और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है।
धार्मिक महत्त्व
लोकमान्यताओं में इस क्षेत्र को ऋषि जाबालि की तपोभूमि से जोड़ा जाता है। अनेक संतों और नाथ योगियों ने यहाँ साधना की। मंदिर परिसर और आसपास की पहाड़ियाँ भक्तों को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराती हैं।
सिरे मंदिर की गुरु परंपरा
सिरे मंदिर की पहचान उसके पीठाधीश्वरों और संत परंपरा से है। इस वेबसाइट पर प्रकाशित पुराने लेखों में गुरुजनों, धार्मिक आयोजनों तथा मंदिर से जुड़ी स्मृतियों को संकलित किया गया है।
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